आज की ताजा खबर
बेटी के जन्म पर महाराजा भवन में मना 'लक्ष्मी उत्सव', लड्डू महाराज ने नातिन के चरण माथे लगाकर की पूजा
लोहिया पार्क में योग की गूंज, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सैकड़ों योग साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
GSVM मेडिकल कॉलेज में खुलेगी AI आधारित लो विजन यूनिट, धुंधली दृष्टि वाले मरीजों को मिलेगा बड़ा सहारा
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र द्वारा खेत बचाओ व बीज शोधन अभियान का आयोजन
- दैनिक लोक भारती
- 29 Jun, 2026
कुशीनगर। भारत सरकार के क़ृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत वनस्पति संरक्षण संगरोध एवं संग्रह निदेशालय के तत्वाधान में केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र गोरखपुर एवं कृषि रक्षा अनुभाग कुशीनगर द्वारा खेत बचाओ अभियान का आयोजन ग्राम बहोरा रामनगर , विकास खंड-बिशुनपुरा , जनपद - कुशी नगर में किया गया।
इसमें केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं सहायक निदेशक( रोग विज्ञान) श्री राहुल मिश्रा ने अभियान की शुरुआत करते हुए किसानों को खेत बचाओ अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं क़ृषि एवं किसान मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी तत्पश्चात उन्होंने एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन कि मौजूदा समय में उपयोगिता के बारे किसानो का ज्ञानवर्धन किया । केंद्र के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी श्री रत्नेश कुमार मिश्रा वरिष्ठ प्राविधिक सहायक श्री लकी तिवारी, डॉक्टर वेंकटरमण एवं श्री बांके लाल बी.टी. एम.के द्वारा कीट व रोग के प्रबंधन हेतु विभिन्न विषयों पे व्याख्यान दिया गया।
कम एवं आव्याशकता पूर्ण से रसायनिक कीट नाशक से प्रबंधन कि आव्याशकता पर जोर देते हुए इसके स्थान पर विभिन्न आई पी एम प्रणाली व यन्त्रों जैसे प्रकाश प्रपंच, पीला व नीला चिपचपा,फल मक्खी ट्रैप,गंधपाश यंत्र, ट्राईकोग्रामा कीट,ट्राईकोडेर्मा पाउडर एवं बेइवेरिया बेसियाना आदि का उपयोग कि सलाह दे कर खेत कि मिट्टी एवं पर्यावरण को हानिकारक प्रभाव से मुक्त रहने कि सलाह दी गयी।
फसल कि शुरुआत में ही जैव फफूँद द्वारा बीज व भूमि शोधन करने के बारे में भी चर्चा कि गयी. कृषकों को केंद्र द्वारा ट्राइकोडर्मा(मित्र फफूंद )का भी वितरण किया गया ।इस दौरान वहां के पूर्व प्रधान श्री चौथी प्रसाद व अन्य प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







